दोस्तों, आजकल के युवाओं की मानसिकता थोड़ी अलग है। अपने दोस्तों से रूबरू संपर्क में रहने की बजाए वे मोबाइल फोन या कम्प्यूटर का सहारा लेते हैं। वे 'अपनों' को सोशल नेटवर्किंग साइट्स के जरिए संदेश भेजते हैं, और वहीं से उनसे संदेश लेते भी हैं। उनके पास समय की कमी है लेकिन वे फिर भी एक्टिव हैं। इस विषय पर मैंने एक लेख लिखा है, आशा है आपको पसंद आएगा। -सचिन
(लेख को पढ़ने के लिए इमेज पर क्लिक करें)

