January 07, 2009

हाय, क्या ये पंढेर भी बरी हो जाएगा..??

अब तो लगता है कि अपराध में कैरियर बनाना ज्यादा सुरक्षित है
दोस्तों, अब तो लग रहा है कि हमारे देश में रोजाना ही दिन काले होना लिखा है। एक बात से उबर नहीं पाते कि दूसरी बात सामने आ जाती है। इस समय देश में सबसे ज्यादा चाँदी अपराधियों की हो रही है। वो समझने लगे हैं कि अब कोई भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। कुछ ऐसी खबरें सुर्खियों में चल रही हैं जो बता रही हैं कि भाई अब यहाँ कोई भी सुरक्षित नहीं....और हाँ जो सुरक्षित हैं वो सब बदमाश हैं। दोस्तों, मेरे कुछ साथियों को आजकल लग रहा है कि मैं भटक गया हूँ। किसी को भी कोसने से पीछे नहीं हट रहा। या कहें कि मुझमें (या मेरे लेखन में) भटकाव आ गया है। लेकिन यहाँ मैं एक बात कहना चाहता हूँ कि समस्या मुझमें कम है और परिस्थितियों में ज्यादा.....क्या करें जब रोजाना निराशाजनक खबरें हमारे सामने आ जाती हैं। क्योंकि प्रोफेशन कुछ ऐसा ही है कि हर रोज हजारों शब्द और सैंकड़ों पन्ने और खबरें पढ़नी पड़ती हैं इसलिए मानसिकता भी बदलती रहती है। किसी एक बात से चिपके रहने की मेरी आदत नहीं है। यूँ तो मेरा विश्वास भारत की खुफिया एजेंसियों पर कभी से नहीं है लेकिन सरकार के लिए बिकाऊ सीबीआई के लिए भी मुझे यही लगता है कि इसे सिर्फ सरकार ही नहीं कोई भी बाहुबली-धनबली खरीद सकता है। व्यवस्था भी बिकाऊ है। न्यायपालिका भी है (लेकिन इसपर बहस की जा सकती है क्योंकि कई लोगों को इस बात पर सहसा विश्वास नहीं होगा, लेकिन ये सच है)। आज सुबह पढ़ा कि घनघोर बदनाम और चर्चित निठारी कांड के सतेन्द्र उर्फ मैक्स मामले में भी सीबीआई ने मोनिन्दरसिंह पंढेर को क्लीनचिट दे दी है। पंढेर को अभी तक उसपर लगे १९ मामलों में से १६ मामलों पर क्लीनचिट दे दी गई है। और मुझे लगता है कि बाकी बचे तीन मामलों में भी सीबीआई उसे क्लीनचिट दे देगी। आखिर अपने अभी तक के इतिहास में सीबीआई कितने बड़े मामलों में सजा करवा चुकी है। मुझे तो याद नहीं आता शायद आपको याद आए..। दोस्तों, निठारी मामला देश में अभी तक का अपनी तरह का पहला मामला था। इस केस में हमें पता चलता है कि इंसान कितना निष्ठुर और कमीना हो सकता है। वो अपनी हैवानी इच्छाओं को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। दिसंबर २००६ में राजधानी दिल्ली से सटे औद्योगिक क्षेत्र नोएडा (इसे उत्तरप्रदेश का सिंगापुर भी कहा जाता है) में एक आलीशान घर से कई बच्चों के कंकाल बरामद हुए थे। यह मकान मोनिन्दर सिंह पंढेर का था जिसका व्यापार काफी फैला हुआ था और उसकी मासिक आय ३० लाख रुपए से ज्यादा थी। इस शैतान की बीवी इसको छोड़कर जा चुकी थी और ये बच्चों के साथ सैक्स करने का शौकीन था। इसका साथ उसके नौकर सुरेन्द्रसिंह कोली ने दिया जो खुद भी इस व्यसन का शिकार बन चुका था। इस मामले में पुलिस ने ढिलाई बरती और मामले पर परदा डालने की कोशिश की। जाहिर है कि यहाँ भी रुपया चल रहा था। मामले में दर्जनभर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई। लेकिन फिर भी उत्तरप्रदेश सरकार इस मामले को सीबीआई को सौंपने को तैयार नहीं थी। इस पर लोग सड़कों पर उतर आए और राज्यपाल की ओर से दबाव पड़ने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने इस मामले को सीबीआई को सौंपा। सीबीआई ने पंढेर के खिलाफ १९ मामले दर्ज किए और इसे कोर्ट में घसीटा। पंढेर को कोर्ट में वकीलों ने बुरी तरह जूते-चप्पलों से पीटा और उसका केस लड़ने से मना कर दिया। पंढेर को सरकारी वकील मिला। अब फिर से सीबीआई हर बार की तरह पिट रही है और पंढेर बरी होने की कगार पर है। सीबीआई तो शुरुआती जाँच में ही मान गई थी कि पंढेर ने कुछ नहीं किया और किया है वो उसके नौकर कोली ने किया है। दोस्तों, पंढेर नरपिशाच है। उसके घर के आस-पास से मानव अवशेषों से भरे ४० पैकेट जब्त किए गए थे। उसके बारे में आसपास के क्षेत्र में माना जाता था कि वह बच्चों से यौन संबंध बनाता था और उसके बाद उसका नौकर सुरेन्द्रसिंह कोली उनकी हत्याएँ कर देता था। इस पूरे मामले में ३० से ज्यादा महिलाओं और बच्चों की हत्या की गई थी जिसमें से १७ के अवशेष उसके घर के पास से मिले थे। पंढेर पर वैश्यावृत्ति के आरोप भी लगे थे। हालांकि उसने इनसे इंकार किया लेकिन ये माना था कि वो वैश्याओं को घर पर बुलाता था (क्या आरती उतारने).....।। पंढेर बच जाएगा। ये सवाल मेरे मन में सुबह से कौंध रहा था। तो फिर सजा किसको होगी। किसी को भी नहीं। हमारा देश ना तो पाकिस्तान को सजा दे सकता है और ना ही एक अदने से आदमी को। पिछले दो दिनों से आप और हम नोएडा की कुछ और खबरें भी देख रहे हैं। कल ही वहाँ एक लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार (गैंग रेप) हुआ और आज एक नाबालिग लड़की का बलात्कार करने की कोशिश की गई। अपराधियों को पता चल गया है कि इस देश में जब नर पिशाच बच सकते हैं तो वे तो सिर्फ बलात्कार ही कर रहे हैं। क्या होगा हमारे समाज का.....क्या हम, या हमारी माताएँ, बहने और बेटियाँ भयमुक्ति रह पाएँगी....?? अब कितनी आशाएँ करें इस देश की नपुंसक सरकार और उसकी न्याय व्यवस्था से....ये पुलिस प्रशासन, खुफिया एजेंसियाँ और हर अपराधी को बरी करने वाली न्यायव्यवस्था पर मुझे तो विश्वास नहीं है....क्या आपको है..?? आपका ही सचिन....।

3 comments:

Amit said...

bahut hi sahi likha hai aapne...
kuch nahi ab janta ko hi kuch karna padega..is tarah haat par haat dhar kar nahi baith sakte.....

apni chinta khud kijiye warna bhugtne ke liye rady rahiye...

HEY PRABHU YEH TERA PATH said...

आपने सही लिखा है,

जय हिन्द।


HEY PRABHU YEH TERA PATH
http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/
ctup.bhikshu@gmail.com

ashvinbhatt said...

Bilkul satya vachan likhe hai sharmaji............

Ab to ye hi sochna hai ki chain se sona hai to jaago aur desh ke dushman bhaago........

Vande Matram.........