November 29, 2008

आखिर चाहते क्या हैं ये जिहादी?????- भाग 2





दोस्तों, इसी विषय पर मैंने अपना पहला आलेख लिखा था जो इसी लेख के नीचे है,या फिर आप उसे मेरे होमपेज पर देख सकते हैं। पेश है इसका दूसरा दूसरा और अंतिम भाग...
......अभी पिछले कुछ दिनों से विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और अखबारों में मुंबई की घटना के साथ-साथ इससे पहले भारत में हुए विस्फोटों के बारे में पढ़ रहा हूँ। इनमें से एक आलेख में सटीक टिप्पणी की गई थी कि भारत आतंकवाद का इस स्तर पर भुगतभोगी पहला देश है क्योंकि बाकी जो देश इस प्रकार की मौतों का शिकार होते रहे हैं वे गृहयुद्ध की सी स्थिति या हालात वाले हैं। मसलन कई अफ्रीकी देश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, इराक वगैरह। तो दोस्तों, इसी के आगे यह भी लिखा हुआ था कि भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जिसके राजनीतिक दल आतंकवाद के खिलाफ एकमत नहीं हैं और अलग-अलग टुकड़ों में बयान देते हैं। हालांकि हम सेक्युलर स्टेट हैं लेकिन इसका खामियाजा हमारे देश की जनता को उठाना पड़ रहा है।
तो दोस्तों बात फिर वहीं से शुरू करता हूँ जहाँ से खत्म की थी। कि कांग्रेस आतंकवाद के खिलाफ माइल्ड है, जैसा कि दिख रहा है और जैसा की जम्मू कश्मीर में उसने प्रदर्शित किया। वहाँ उस बदमाश और देशद्रोही मुफ्ती मोहम्मद सईद और उसकी लड़की रूबीना सईद (जो १३ आतंकवादियों की कीमत पर छूटी थी, आप लोगों को याद होगा) से कांग्रेस ने हाथ मिलाया और अमरनाथ श्राइन बोर्ड वाले मामले पर इसी कांग्रेस ने उन देशद्रोहियों से पटखनी खा ली और जम्मू को आग में झोंका, इंदौर जैसे शहरों में दंगे करवाए जिसमें १० लोग मारे गए। तो साहब कांग्रेस को लगता है कि अगर वो आतंकवादियों के खिलाफ बोलेगी तो इस देश के मुसलमान बुरा मान जाएँगे। भई वाह, यानी कांग्रेस यह साबित करने पर लगी हुई है कि इस देश का पूरा मुसलमान आतंकवाद के साथ है। क्या कांग्रेसी नेताओं को नहीं पता कि जब-जब इस प्रकार के विस्फोट या आतंकी हमले होते हैं तो मुख्य समाज में रहने वाले मुख्य धारा के मुस्लिम सबसे अधिक शर्मिंदगी महसूस करते हैं क्योंकि उन्हें पता रहता है कि उनका आतंकवाद से कोई वास्ता नहीं है फिर भी लोग उनको कटघरे में खड़ा करने से बाज नहीं आएँगे। इसलिए अहमदाबाद और जयपुर में विस्फोटों के बाद इस मुस्लिम संगठन ही विरोध करने के लिए सबसे पहले आगे आए। मुंबई आतंकी हमले के बाद भी ऐसा ही हुआ और इस बार तो पाकिस्तान तक में आतंकवाद के विरोध में प्रदर्शन हुए जिसमें मुंबई हमले को उठाया गया था।
तो कांग्रेस को समझना चाहिए कि उन्होंने एक समाज (मुस्लिम) की भारत में ऐसी-तैसी कर दी, उन्हें शिक्षा और सरकारी नौकरियों से दूर करके रखा, उन्हें निचले स्तर पर ला दिया, उनसे भाजपा का डर दिखा-दिखाकर लगातार वोट झटके और इसका दोष वह भाजपा पर मढ़ती रहती है। जबकि आजादी के बाद ६० में से ५० साल तो राज इस देश पर कांग्रेस का ही रहा है जबकि भाजपा सिर्फ साल सत्ता में रही है। तो कांग्रेस सच्चर समिति की रिपोर्ट आगे करके इस देश के मुस्लिमों की हमदर्द बन रही है जबकि उसने इस समाज का सबसे अधिक नुकसान किया है। पिछले ६० साल से लगातार मुस्लिम इस पार्टी को वोट देते रहे हैं, सिर्फ इस डर से कि कहीं भाजपा टाइप पार्टियाँ सत्ता में नहीं जाएँ....तो कोई कांग्रेस से पूछता क्यों नहीं है कि उन्होंने मुस्लिमों के इस विश्वास के बदले उन्हें वापसी में क्या दिया..............कुछ नहीं।
कांग्रेस आतंकवाद की आलोचना ना करके मुस्लिमों का नुकसान करती है क्योंकि देश के सभी मुस्लिम आतंकवाद के साथ नहीं हैं, तो फिर ऐसा कांग्रेस को क्यों लग रहा है। तो कांग्रेस को चाहिए कि वो अपने बुद्धि कौशल का सही उपयोग करे। ऐसा इसलिए कह रहा हूँ कि इस बुद्धि कौशल का हाल ही में उसने अपनी सरकार बचाने के लिए उपयोग किया है (?????) लेकिन वो आतंकवाद के खात्मे के लिए ऐसा क्यों नहीं कर रही। हालांकि इस बार संसद में भाजपा ने भी दिखा दिया कि उसकी पार्टी में भी चोर और मक्कारों की कमी नहीं है लेकिन एक ऐसे मुद्दे पर तो इन दोनों पार्टियों के कपटी एकमत हो ही सकते हैं कि देश की जनता को इन आतंकी गतिविधियों से बचाया जाए। कांग्रेस और भाजपा को अपनी सत्ता की भूख एक तरफ रखकर ही इस विषय पर सोचना होगा नहीं तो इकोनॉमिक रिफार्म्स क्या कर लेंगे, तब जब विदेशी कंपनियाँ इस देश की खतरनाक होती स्थिति में यहाँ कदम रखने से ही मना कर देंगी। हमारे राजनेताओं को शायद अभी भी इस विषय की गंभीरता समझ नहीं रही है। भारत के ये ()पूत नेता इस महान देश का क्या बंटाधार करेंगे ये तो अभी से नहीं कहा जा सकता लेकिन इतना तय है कि राजनीति के इस काले तवे पर वोटों की सफेद रोटी सेंकने की इसी प्रकार कोशिशें की जाती रहीं तो विश्व में महाशक्ति बनने का हमारा ख्वाब कभी पूरा नहीं हो पाएगा और यही इस देश में रहने वाले जिहादी चाहते हैं जो उसी थाली में छेद कर रहे हैं जो उन्हें खाना दे रही है।
आपका ही सचिन........

1 comment:

चंद्रमौलेश्वर प्रसाद said...

कांग्रेस के कारण ही तो एक बंटवारा हो चुका और अब वो धर्म, भाषा, जाति, लिंग आदि के नाम पर देश को बांटने में सक्रिय है ही। आतंकी तो उनका साथ दे ही रहे हैं।