December 30, 2008

अगला विश्वयुद्ध धर्म के आधार पर लड़ा जाएगा!!



और इसकी तस्वीर विश्व में बनने लगी है
दोस्तों, आपने सैमुअल हटिंगटन का नाम तो सुना ही होगा। ये प्रसिद्ध राजनीति विज्ञानी और भविष्यवेत्ता थे। इनका इस रविवार को निधन हो गया। इन्होंने दशकों पहले इस्लाम और ईसाइयत के टकराव की भविष्यवाणी कर दी थी। हटिंगटन ने १९९६ में अपनी पुस्तक द क्लेशेज आफ सिविलाइजेशंस एंड द रिमेकिंग आफ वर्ल्ड आर्डर में उक्त बात लिखी थी। यह पुस्तक १९९३ में अंतरराष्ट्रीय मामलों की एक पत्रिका में उनके लिखे लेख का विस्तार ही थी। इस किताब में उन्होंने विश्व को प्रतिदंद्वी संस्कृतियों के आधार पर वर्गीकृत किया था। उन्होंने इस पुस्तक में घोषणा की थी कि इन संस्कृतियों के बीच भविष्य में प्रतिद्वंद्विता और टकराव होना अवश्यंभावी है। उन्होंने यह भी लिखा था कि दुनिया धार्मिक आधार पर बँट चुकी है, लोग कट्टर हो रहे हैं और अगला विश्वयुद्ध बहुत संभव है कि धार्मिक आधार पर ही हो। 

दोस्तों, जब मैं छोटा था तब हरेक बच्चे की तरह नहीं समझता था कि धर्म क्या होता है या इस आधार पर भी आपस में लड़ा जा सकता है। अब जब बातें समझ आनी लगी हैं तो लगता है कि ओह...सबकुछ कितना साफ है फिर भी हम नहीं समझते थे। मसलन.....भारत बहुसंस्कृति वाला देश है। यहाँ हिन्दू और मुसलमान आपस में बहुत भाईचारे के साथ रहते हैं। ये मैंने हमेशा अपने बड़े-बुर्जुगों और किताबों से सुना-पढ़ा। मैंने बचपन से सुना कि पाकिस्तान भारत का दुश्मन है। इसराइल के बारे में सुना कि ये देश भारत का मित्र है। हमने यहूदियों को उनके निर्वासन काल में सहयोग दिया इसलिए वो हमारा एहसान मानते हैं। हमने पारसियों को भी उनके निर्वासन काल में सहयोग दिया। और आज वे हमारे देश में दूध में शक्कर की तरह रहते हैं। हमारे समाज को समृद्ध कर रहे हैं। टाटा, गोदरेज, वाडिया, केडिया आदि उदाहरण हमारे सामने हैं। 
लेकिन तभी मैंने देखा कि जिस पाकिस्तान को हम हिन्दू अपना दुश्मन मानते हैं उसी पाकिस्तान में मेरे कई पहचान वाले मुसलमानों की लड़कियों की शादी हुई। मैं भौंचक्का रह जाता था कि दुश्मन देश में यहाँ के लोग अपनी बेटियाँ क्यों ब्याह देते हैं। क्या वे पाकिस्तान को दुश्मन नहीं मानते..?? फिर मैंने देखा कि मेरे पहचान वाले मुसलमान बच्चे पाकिस्तानी क्रिकेटरों के फैन हैं। उनके कमरों में पाक क्रिकेटरों की तस्वीरें लगी रहती थीं। वो पाकिस्तान के मैच जीतने पर खुश होते थे फिर भले ही वो भारत के खिलाफ मैच क्यों ना जीता हो....ओफ...मुझे समझ आया कि भारत की टीम तो हिन्दुओं की टीम है, यहाँ के मुसलमान इसका साथ क्यों देने लगे....???? फिर मैंने देखा कि भारत के मुसलमान बच्चे और युवा भी शाहरुख खान, सलमान खान, आमिर खान, सैफ अली खान के इसलिए फैन हैं क्योंकि ये सब फिल्म स्टार मुसलमान हैं...इसलिए नहीं कि ये अच्छे कलाकार हैं। मै और ज्यादा भौंचक रह जाता था। अब मैं देख रहा हूँ कि मुझे जानने वाले मुसलमान बुद्धिजीवी और कलाकार सिर्फ उन्हीं कलाकारों, संगीतकारों आदि की तारीफ करते हैं जो मुसलमान हैं....मैं और अधिक भौंचक्का होता जाता हूँ.......दोस्तों, मेरा भौंचक्का होना जारी है। क्योंकि बचपन से मैं अपनी इच्छाशक्ति के कारण मैदान में डटे हुए इसराइल का फैन हूँ......सच बताऊँ तो मैं एक इसराइली लड़की से शादी करना चाहता था कि मैं वहाँ का नागरिक बन सकूँ....लेकिन मुझे पता चला कि इसराइल तो मुस्लिम दुनिया और यहाँ तक की भारत के मुसलमानों का भी सबसे बड़ा दुश्मन है। ये सब लोग तो उसे मिट्टी में मिला देना चाहते हैं। उफ, मैं फिर से परेशान हो उठता हूँ कि ये कैसे संभव है कि एक देश में रहते हुए दो तबके बिल्कुल ही भिन्न तरीके से सोंचे। 

तो दोस्तों, यही धर्म है जो दुनिया को कई फाड़ कर चुका है। बात चूँकी इसराइल की हुई है तो देखिए कि हमारे देश के हिन्दू और मुसलमान वर्तमान में गाजा पट्टी पर हो रहे इसराइली हमलों को किस तरह देख रहे हैं। इससे आपको समझ आ जाएगा कि भट्टी में आग सुलग रही है। टोन देखिए...आपको लगेगा कि वाकई अगला विश्वयुद्ध एक महायुद्ध होने के साथ-साथ धर्मयुद्ध भी साबित होने वाला है। इसराइल की एक खबर पर लोगों द्वारा दी गई प्रतिक्रियाओं को मैं दे रहा हूँ.........ये प्रतिक्रियाएँ आईबीएन की साइट पर इसराइल संबंधी एक खबर पर आई हैं। इन्हें दोनों धर्मों के पाठकों ने विश्वभर से भेजा है।

Dec 30, 2008
आखरी इश् दूत मुहम्मद सलल्लाहू अलैही वस्सलाम ने फ़ार्माया है की " एक ऐसा वक़्त आईगा जब दुनिया के सारे यहूदी मारे जाएँ गे और उन को कोई बचाने वाला नही हो गा यहाँ तक की अगर कोए यहूदी पेड़ के पीछे भी छुपे आ अपनी जान बचाने के लिए तो वो पेड़ पुकार पुकार के कहे ग गी यहाँ एक यहुद छिपा है इसे मार दो " इसराइल ने इतास के पन्नो को ख़ून से जिस तरह से रंगा है और बेक़सूर और मासूम का खू बहाने मे ज़रा सा भी संकोच नही किया उस से प्रतीत होता है की वोह दिन शायद बहुत नज़दीक आ गया है जब मुहम्मद सलल्लाहू अलैही वस्सलाम का कहा हुआ फ़ार्मन सच साबित हो जाए.
sufyan abu Dahbi
Dec 30, 2008
अर्रे हिजडो, इस देश से सीखो, वो अपने एक आदमी को कुछ भी होता है तो वो दुश्मनो को मिट्टी मे मिला देता है, और एक हुमारे लेडेर है जो सिर्फ़ बियान के इलवा कुछ नही करते. हराममखोरो कुछ सीखो.
parminder ludhiana
Dec 30, 2008
पूरा अरब क्या पूरे दुनिया का आत्नकी भी इजराइल का कुच्छ बिगार नही सकता, अरे वो तो उसके घर में घुसकर मार रहा है, कहाँ है अरब के ख़लीफ़ा लोग, जो जेहाद की बात कर मासूम को मरते है वो अब दुनिया से दया की गुहार लगा रहे है............
BRAJESH KUMAR BIHAR
Dec 30, 2008
मुसलमानों को अपने उपर होता हुआ ज़ुल्म ही दिखता है तभी अल्लाह के नाम पर दुहाई देने लगते हैं जब इस्लाम के नाम पर आतंकवादी मासूमों को और बच्चो को मारते हैं तब ये किस श्रेणी में आता है. जिहाद? पाकिस्तान ने आतंकवाद की फ़ैक्टरी खोल रखी है. हर साल बेगुनाहों को मरवाता है. तब कोई नहीं कहता की पाकिस्तान को ये नहीं करना चाहिए . विश्व भर में अगर कोई आतंकवाद है तो वो इस्लाम के नाम पर ही फैलाया जा रहा है. इसको तो अब ख़त्म होना ही पड़ेगा चाहे इसराएल हो, भारत हो या कहीं और. किसी किस्म के आतंकवाद की अब दुनिया में कोई जगह नहीं है अगर फैला तो उसे सज़ा मिलेगी साथ में उसका समर्थन करने वालों को भी.
Pathak Jaipur
Dec 30, 2008
भाई लोगो आपस मैं क्यो लड़े कई भी कोई मरता तो उसके परिवार के लोगो से पूछो की उसपे क्या बीतती हे आज तक कीसी को मारने से कोई हाल नीकला हे तो उसका कोई साक्ष हे तो बाताओ इं .प
imran delhi
Dec 30, 2008
हम सब को इसराइल का विरोध करना चाहिए,इसराइल फ़िलिस्तिनियों पर ज़ुल्म कर रह है,यहूदियों को जैसे हिटलर ने दूसरे महायूद्ध में आग की भट्टी मे झोंक दिया था वैसा ही कोई दूसरा हिटलेर मिलना चाहिए जो इन इसरायली योहूदियों को फिर से आग मे झोंका जाए. पूरे अरब देस को चाहिए की मिलकर इसराइल पर धावा बोल दें उसके होष्ठिकाने आ जायेंए,मिस्र और ईरान चुप कियों बैठें हैं,इस वक्त़ सद्दाम हुसैन होना चाहिए था. हम सब को फ़िलिस्तिनियों का समर्थन करना चाहिए,
usman mumbai
Dec 30, 2008
इजराइल को इसका ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ेगा. फ़िलिस्तीन की ज़मीन पर क़ब्ज़ा कर उन्ही के बच्चो को मार रहा है. मुस्लिम कभी आतंकवादी नही होता लेकिन अन्याय और ज़ुल्म उसको यह करने पर मजबूर करते है. यह वह क़ौम ही जो अल्लाह के लिए आखरी ख़ून तक लड़ेगी.
inam muskat
Dec 30, 2008
किस ने घर से निकाला यहूदी को? हितलेर ने नही, ज़रुसलेम की का था पहले? हिस्टोर्य को आप अपने चसमे से नही देख सकते. मुसलमान को अब अंधकर उयुग से बाहर आ के समाज ना चाहिए के मुस्लिम के अलावा और कई धर्मा है. आप लोगो को यहूदी को नफ़रत से देखना बाँध करना चाहिए.
Jiten Pune
Dec 30, 2008
अरे वजूद तो पहले इस्लाम का भी नही था और ना ही पाकिस्तान का . इसराइल को किसी ने ज़मीन -वमींन नही दी, यहूदियो को मानवता का साथ देने के लिए दूसरे विश्व युढ़ के बाद अमेरिका आदि देशो ने इनाम के तौर पर इजरायल दिया था . जब इतने दिन से संघर्ष विराम का वो पालन कर रहा था तो हमास ने उसके उपर रोकेट क्यों दागे ? अब करनी का फल तो भुगतना ही पड़ेगा . काश भारत भी पहले एसा ही कर देता तो आज ये दिन नही देखना पड़ता . जै हिंद
abhya ahmedavad
Dec 30, 2008
यह इजराइल निहतथे शहरियो पर हमला कर रहा है और बच्चो को मार रहा है. ईरान को तुरंत इजराइल पर हमला करना चाहिए. यह सब अमरीका की शाह पर कर रहा है. बुश जूते खाकर बौखला गया है. यहूदियो को एक और हिटलर चाहिए.
malik Bareilly
Dec 30, 2008
अरे भारत के नेताओ इसराइल से कुछ सीखो सालो. क्मीनो भारत की जनता फ़ाल्तू नही है की जब चाहो मार दो........... कुछ सीखो एक बंदे के बदले मे वो 50 बंदे मरता है .... अबे कम से कम 10 तो तुम भी मारो पाकिस्तानियों को...
Dev Delhi
Dec 30, 2008
इन यहूदियो को एक और हिटलर चाहिए.
sam Bombay
Dec 30, 2008
कुछ तो सिख हमरेय नेताओ को लेनी चाहिए इन लोगो से इस को कहतेय है क़रारा जवाब एक हुमारेय नेता है जो नपुसंक बनकेर तमाशा और बयानबाज़ी के अल्वा कुछ नही केर रहे
saccha hindustani indore
Dec 30, 2008
ये इसराइली जब अपने घर से निकाले गए थे उस वक़्त हिटलर था, तो उनको पनाह फ़िलिस्तिनियों ने दी थी और कहा यहां पर रहो। अब उनके घर में जब रहने लगे तो उनको ही घर से निकाल दिया जबकी घर उनका है और वो लोग अपना घर मांगते हैं तो उनको आतंकवादी की भयानक नाम देकर मार देना चाहते हैं। ये कहां का इंसाफ़ है। इंसाफ़ करो लोगों नहीं तो कल आने वाला दिन बड़ा ही घातक होगा जब मासूम मारे जाएंगे। तब इंतकाम के लिए लोग उठेंगे और ये ग़ैर मुस्लिम समझते हैं की मुसलमान को मारकर के इस्लाम का नाम मिटा देंगे। ये उनकी ग़लत फ़हमी है। इस्लाम तब तक रहेगा जब तक दुनिया रहेगी और मैं जानता हूं की यहूदी और दूसरे लोग चाहते हैं की इस्लाम को बदनाम करके और प्रसिद्ध हो जाएं।
abdul mumbai
Dec 30, 2008
जिसके कहर से आतंकियों की रूह काँप जाए, उस वीर क़ौम [इयज़राल] को भारत का सलाम ..... जय हिंद
BRAJESH KUMAR BIHAR
Dec 30, 2008
भारत को कुछ सीखना चाहिए और पाकिस्तान पे हमला करना चाहिए.
XYZ Mumbai
Dec 30, 2008
इसराइल बेक़सूर नहीं है। वही कसूरवार है क्योंकि इसराइल ब्रिटेन की तरह है और फ़िलिस्तीनी भारत की आज़ादी के क्रांतिकारियों की तरह हैं, जो अपने देश को विदेशी ताकतों से मुक्त कारवाना चाहते हैं।
danisj pali
Dec 30, 2008
क्या ये आतंकवाद नही हे ?
GUFRAN INDORE
Dec 30, 2008
इजराइल को अपनी आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है, हमास बेक़सूर यहूडीओ को अपनी रोकेट से निशाना बना रहे है. इस समय पूरी दुनिया एक हो कर इजराइल को समर्थन देना होगा . तब हमास और अरब अपना सैतानी ज़ुबान बंद करेंगे. भारत सरकार को इजराइल का समर्थ कर के वहा तनाव काम करने की क़ोसिश करनी चाहिए...
shyam pandey sydney australia

4 comments:

महेंद्र मिश्रा said...

बहुत बढ़िया पोस्ट पढ़कर अच्छी लगी. धन्यवाद. नववर्ष की ढेरो शुभकामनाये और बधाइयाँ स्वीकार करे . आपके परिवार में सुख सम्रद्धि आये और आपका जीवन वैभवपूर्ण रहे . मंगल्कामानाओ के साथ .
महेंद्र मिश्रा,जबलपुर.

नीरज गोस्वामी said...

नव वर्ष की आप और आपके समस्त परिवार को शुभकामनाएं....
नीरज

संजय बेंगाणी said...

आप और मैं काफी हद तक एक जैसा सोचते है. काफी समय मुस्लिम मोहल्ले में रहने का काम पड़ा, तो वे अनुभव आज भी सोच को प्रभावित करते है.

Sachin said...

मित्रों आप सबको भी नव वर्ष की शुभकामनाएँ। मेरे साथ बने रहने के लिए आप सबका शुक्रिया..।